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Showing posts from May, 2022

वैवाहिक सम्बन्ध के कुछ विपरीत योग

वैवाहिक सम्बन्ध के कुछ विपरीत योग : 👉1- यदि पुरुष जातक की कुण्डली में सप्तमेश अपनी नीचराशि या नीच नवमांश में स्थित हो, और - 👉(क)- किसी अशुभ भाव में हो* 👉(ख)- अपने नैसर्गिक शत्रुग्रह से दृष्ट हो* 👉(ग)- अपने नैसर्गिक शत्रुग्रह से किसी योग (चतुर्विधि) में हो* 👉 तब या तो ऐसे जातक का विवाह ही नहीं होगा अथवा विवाह होने पर भी उसे एकाकी जीवन जीना पड़ेगा ! 👉2- यदि किसी पुरुष जातक की कुण्डली में शुक्र अपनी नीच राशि या नीच नवमांश में स्थित हों और वह शुक्र कुण्डली के सप्तमेश ( जैसे कि सूर्य, मंगल, बृहस्पति या चन्द्र ) का नैसर्गिक शत्रुग्रह हो तब यह स्थिति उसके वैवाहिक जीवन में समरसता के लिए बाधक बनी रहती है ! 👉3- उसी प्रकार यदि किसी स्त्री जातक की कुण्डली में बृहस्पति अपनी नीचराशि या नीच नवमांश में स्थित हों और वह बृहस्पति महिला के सप्तमेश का नैसर्गिक शत्रुग्रह भी हो (जैसे कि शुक्र, बुध या शनि ) तब यह योग भी वैवाहिक समरसता के लिए अनुकूल नही होगा ! 👉4- यदि किसी जातक का सप्तमेश अपने ही लग्नेश से असाधारण रूप से बलवान हो तब वह जातक अपने जीवनसाथी के अधीन रहेगा, या कहें उससे भयभीत रहेगा ! 👉5- यद...

HOW TO MAKE MERCURY POWERFUL

REMEDY : HOW TO MAKE MERCURY POWERFUL 💚The best remedy to enhance Mercury is to learn how not to be angry and aggressive.  The moment you are angry your Mercury leaves you. Mercury is never aggressive or loud, rather always logical and tactful.  💚Mercury is so diplomatic who never fights with anyone rather will convince people with facts, figures and logic.   💚The moment you will be angry, you should immediately alert yourself that you are losing your Mercury power, you are making your Virgo and Gemini signs useless in your horoscope. 💚Whenever you get angry, you scream, you lost all your senses in antagonism, which says you are losing your mercury power immediately.   💚How to be tactful, logical, and factual is the main way to enhance your Mercury. You need to learn how to overpower someone or any circumstance by your brain rather your aggressive Martian power.  💚A quarrelsome, aggressive guy has a poor mercury, always remember this.  💚Mer...

नील सरस्वती स्तोत्र

नील सरस्वती स्तोत्र घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।1।। ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते। जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।2।। जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि। द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।3।। सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोSस्तु ते। सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्।।4।। जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला। मूढ़तां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।5।। वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नम:। उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्।।6।। बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्।।7।। इन्द्रादिविलसदद्वन्द्ववन्दिते करुणामयि। तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम्।।8।। अष्टभ्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां य: पठेन्नर:। षण्मासै: सिद्धिमाप्नोति नात्र कार्या विचारणा।।9।। मोक्षार्थी लभते मोक्षं धनार्थी लभते धनम्। विद्यार्थी लभते विद्यां विद्यां तर्कव्याकरणादिकम।।10।। इदं स्तोत्रं पठेद्यस्तु सततं श्रद्धयाSन्वित:। तस्य शत्रु: क्षयं याति महाप्रज्ञा प्रजायते।।11।।

नील सरस्वती स्तोत्र

नील सरस्वती स्तोत्र घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।1।। ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते। जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।2।। जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि। द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।3।। सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोSस्तु ते। सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्।।4।। जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला। मूढ़तां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।5।। वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नम:। उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्।।6।। बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्।।7।। इन्द्रादिविलसदद्वन्द्ववन्दिते करुणामयि। तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम्।।8।। अष्टभ्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां य: पठेन्नर:। षण्मासै: सिद्धिमाप्नोति नात्र कार्या विचारणा।।9।। मोक्षार्थी लभते मोक्षं धनार्थी लभते धनम्। विद्यार्थी लभते विद्यां विद्यां तर्कव्याकरणादिकम।।10।। इदं स्तोत्रं पठेद्यस्तु सततं श्रद्धयाSन्वित:। तस्य शत्रु: क्षयं याति महाप्रज्ञा प्रजायते।।11।।

Female Horoscope In Astrology

FEMALE HOROSCOPY IN ASTROLOGY Doesn’t matter how beautiful you are and how much you are earning, which prestigious educational  institution you have been to, if your married life is not peaceful all comes to BIG ZERO. Doesn’t matter how much your husband is earning, how good looking he is or which royal family he belongs to, if you are not getting married to some normal or balanced human being then all his qualities will come to BIG ZERO after a while for you. So marriage is a very important part for females specially in India.  With the help of 8th house of the female horoscope the longevity of husband can be foreseen. The 5th house indicates pregnancy, uterus and, 9th house signifies beauty and fertility.  The strength of house, the lord of the house and Karaka should be known for the proper prediction.  Some of the Yogas in the horoscope are only applicable to woman.  Soubhagya Yoga:  1) Strong benefic planet in the 7th house except Jupiter. If it’s Jupi...