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Showing posts from March, 2022

भविष्य वक्ता बनने के योग

भविष्यवक्ता बनने के योग  🔶 यदि किसी जातक के द्वितीय ( वाणी, कुटुम्ब) भाव में पंचमेश या बुद्धदेव अथवा बृहस्पति अष्टमेश के साथ युति कर रहे हों तब मनुष्य गूढ़ विद्या एवं पूर्वजन्मकृत बातों को बताने की क्षमता रखने वाला भविष्यवक्ता हो सकता है !  🔶 पंचम स्थान में लग्नेश, द्वितीयेश, दशमेश एवं बुद्ध व बृहस्पति की युति हो जाय एवं ये सभी अष्टमेश से दृष्ट  हों तब वह व्यक्ति ज्योतिषी बनकर धनार्जन करता है ! 🔶शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से लेकर कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि तक का चंद्र पूर्ण बलवान होकर सूर्य, बुद्ध व बृहस्पति से सम्बन्ध बनाए एवं इन पर दशमेश एवं एकादशेश की दृष्टि हो तब भी मनुष्य ज्योतिष विद्या के माध्यम से धनोपार्जन करता है ! 🔶 यदि अष्टमेश पंचमेश के साथ लग्न में स्थित होकर द्वितीयेश एवं एकादशेश आदि ग्रहों से दृष्टि या किसी अन्य प्रकार से भी सम्बन्ध बना लें तब भी मनुष्य ज्योतिष के क्षेत्र में सफलता प्राप्त  कर सकता है ! 🔶यदि अष्टमेश का चन्द्रमा या शनि से दृष्टि या युति सम्बन्ध बनता हो या अष्टमेश व पंचमेश की युति हो  जाय तब भी मनुष्य ज्योतिषी कार्य में रुचि रखता है...