कुंडली मे सफल खिलाड़ी का योग ■■■■■■■■■■■■■■■ 1】 मजबूत लग्न और लग्न के स्वामी - स्वास्थ शरीर,स्वस्थ मस्तिष्क, प्रथम भाव से शरीर और सिर का बिचार किय्या जाता है।। स्वस्थ शरीर मे स्वस्थ मस्तिष्क का विकाश होता है। 2】तीसरा घर - अखंड प्रतिभा साहस, वीरता, कौशल का घर। हाथ, पैर, फिटनेस, ताकत। आंतरिक सोच को साकार करने की इच्छा। 3】पंचम भाव - दिशा का निर्देश का घर । प्रज्वलित अव्यक्त प्रतिभा को दिशा , सर्प माइंड, तेज़ी से समझने की सूझबूझ, 4】दशम भाव - हाउस ऑफ ऑपर्चुनिटीज ऑब्जेक्टिव फील्ड उच्चतम स्तर पर। सम्मान, पद, प्रसिद्धि। 5】 ग्यारहवां घर - अहसास का घर। लक्ष्य, आकांक्षाएं और महत्वाकांक्षा। आदर्शों और इच्छाओं की प्राप्ति। लाभ का घर। 6】नवम भाव -भाग्य का घर ,हजार योग्यता होने पर भी भग्य का साथ के विना कुछ भी संभव नही होता,, ।। ■ प्रमुख सम्भवना के कारक - शुक्र और चंद्रमा की युति या अन्य सम्बन्ध ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ कल्याण वर्मा की सारावली , अध्याय 15 1】विद्वान= (बृहस्पति + बुध), 2】निपुणः= (शनि + बुध) ...