सूर्य राहु चंद्रमा एक साथ ज्योतिष में बहुत से योग होते है और यह सभी ग्रह हमारी कुंडली मे एक ही भाव मे एक से ज्यादा हो सकते है इसमें ही अगर कुंडली मे सूर्य चंद्रमा राहु का योग हो तो क्या होगा कुंडली मे सूर्य चंद्रमा देवता ग्रह है सूर्य आत्मा का कारक होता है चंद्रमा मन का कारक होता है राहु इनके साथ आत्मा और मन दोनों पर अपना बुरा प्रभाव देगा खास तौर पर चंद्रमा सबसे खराब स्तिथि में जायेगा क्योकि एक तो वो सूर्य के साथ अस्त होगा और साथ मे अमावस्या के आस पास का जन्म होगा उसके पास अपनी कोई कला नही होगी उसकी 16 कला लगभग खत्म होगी साथ मे राहु उसको विष ज़हर दे रहा है आत्मा सूर्य मन चंद्रमा दोनों अच्छा कम और बुरा ज्यादा सोचेंगे न आपका मन सही संकेत देगा न ही अंतरात्मा से निकलने वाली आवाज़ आपको सही रास्ता दिखा पाएगी दो प्रभावशाली ग्रह ग्रहण में होंगे और यह सूर्य ग्रहण होगा क्योंकि सूर्य को हमेशा चंद्र के साथ राहु होने पर ग्रहण लगता है ऐसा इंसान बहुत जल्दी धोखा खा जाता है और बाद में उससे बाहर आने के लिए नशे का शिकार हो जाता है खास तौर पर सूर्य चंद्र की दशा बहुत खराब जाने की संभावना होत...