अंग्रेजी देशों अंग्रेजी , बोली भी जाती है पढ़ाई भी जाती है और उनका धर्मग्रन्थ बाइबिल भी अंग्रेजी में है ।
अरब देशों में अरबी बोली भी जाती है , पढ़ाई भी जाती है और उनका धर्मग्रन्थ कुरान भी अरबी में है ।
किन्तु हिंदुस्तान एक मात्र ऐसा देश है जहाँ के लोग अंग्रेजी बोलना चाहते है पर ठीक से नही आती , अरबी केवल मुसलमान पढ़ते है और हिन्दुओ के धर्मग्रन्थ की भाषा संस्कृत न बोली जाती है और न पढ़ाई जाती है अपितु आज के परिदृश्य में संस्कृत की बात करने वाले को सांप्रदायिक (Secular ) घोषित कर दिया जाता है ।
..................आखिर क्यों?
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