माने के पड़ि भारतीय संविधान के
लोकतन्त्र के परिभाषा कहत बा की सबके समान अधिकार होला बाकी भारत मे कुछ लोग गोली बन्दूक के दम प आ करोड़ो के सम्पति नोकसान क के कहत बा की हमार विशेष दर्जा रहे के चाहि ।
दूसरे जहा एक ओर जेकर अपराध नइखे साबित उ जेल में सरत बा आ जे अपराधी बा ओकर जमानत होखे में 2 दिन के भी समय नइखे लागत ।
तीसरे संविधान खुदे समाज के सवर्ण , पिछड़ा आ दलित में बटले बा लेकिन आजु हम आपना के सवर्ण कहि त दोषी होखब की समाज बाटत बानि आ अगर कवनो दलित के दलित कहि दी त संविधान अनुसार ही मुकदमा तय बा ।
षोडष वर्ग कुण्डली तथा उसका फलित : . षोडश वर्ग का फलित ज्योतिष में विशेष महत्व है ! जन्मपत्री का सूक्ष्म अध्ययन करने में यह विशेष बहुत सहायक होते हैं ! इन वर्गों के अध्ययन के बिना जन्म कुण्डली का विश्लेषण अधूरा होता है ! क्योंकि जन्म कुण्डली से केवल जातक के शरीर, उसकी संरचना एवं स्वास्थ्य के बारे में ही विस्तृत जानकारी मिलती है, परन्तु षोडश वर्ग का प्रत्येक वर्ग जातक के जीवन के एक विशिष्ट कारकत्व या घटना के अध्ययन में सहायक होता है ! #षोडशवर्ग_किसे_कहते_है : . हम जानते हैं कि अगर राशिचक्र को बराबर 12 भागों में बांटा जाय तब हर एक हिस्सा राशि कहलाता है ! सूक्ष्म फलकथन के लिए राशि के भी विभाग किए जाते हैं और उन्हें वर्ग कहते हैं ! वर्गों को अंग्रेजी में डिवीजन (division) और वर्गों पर आधारित कुण्डली (वर्ग चर्क्र) को डिवीजनल चार्ट (divisional chart) कह दिया जाता है ! वर्गों को ज्योतिष में नाम दिए गए हैं ! जैसे — . यदि राशि को दो हिस्सों में बांटा जाय तब ऐसे विभाग को होरा कहते हैं ! इसी तरह यदि राशि के तीन हिस्से किये जायें तब उस...
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