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दरिद्रता निवारण के सरल उपाय

दरिद्रता निवारण के सरल उपाय

व्यक्ति कमाता बहुत है परंतु धन टिकता नहीं और धन घर बहुत आता है परंतु रुकता नहीं है घर दरिद्री बना रहता है तो आप सभी के कुछ विशेष प्रयोग प्रस्तुत कर रहा हूं आप सभी इन उपायों को करें घर की दरिद्रता और जीवन की की दरिद्रता को नष्ट करे।

1. प्रतिदिन प्रात: जल्दी उठ कर इष्ट आराधना करने से दरिद्रता दूर होती हैं।

2. गुरुवार के दिन घर में गाय के गोबर का लेपन आदि करने से दरिद्रता दूर होती हैं।

3. गुरुवार के दिन पीली वस्तु का भोजन करने से दरिद्रता दूर होती हैं।

4. दान-पुण्य इत्यादि कर्म करते रहने से दरिद्रता दूर होती हैं।

5. प्राण-प्रतिष्ठित सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं।

6. घर में प्राण-प्रतिष्ठित प्राण-प्रतिष्ठित दक्षिणावर्ती शंख कि घरमें स्थापना से लक्ष्मी का स्थायी वास होता हैं, शत्रुओं से रक्षा होती है, रोग, ॠण, अज्ञानता एवं दरिद्रता से शीघ्र मुक्ति मिलती हैं।

7.घर में प्राण-प्रतिष्ठित विष्णु शंख (श्वेत रंग का शंख) स्थापित करने से एवं नित्य पूजन करने से दरिद्रता दूर होती हैं।

8.श्री सूक्त का पठन करने से भी दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं।
9.श्री सूक्त कि ऋचाओं का श्रवण या पठन करके नियमित हवन करने से विभिन्न कष्ट दूर होकर ऐश्वर्य प्राप्ति होती हैं। लक्ष्मी जी कि कृपा प्राप्त होने से दुःख, दरिद्रता, रोग, कष्ट, कर्ज से स्वतः मुक्ति मिलती हैं।

10. मान्यता हैं कि दीपावली के दिन जल में तथा तेल में लक्ष्मी का वास होता हैं। इस लिये दीपावली के दिन शरीर पर तेल कि मालिश करके  जल (गंगा स्नान या जल में गंगाजल जल मिलाकर) से स्नान करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं।

11. कनकधारा स्तोत्र के पाठ के पठन एवं श्रवण से दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं।

12. कनकधारा यंत्र को दरिद्रता का नाश करने हेतु रामबाण माना जाता हैं इस लिये कनकधारा यंत्र कि आराधना करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलती हैं।

13. दुर्गा बीशा यंत्र के पूजन से भी दरिद्रता का नाश होता हैं।

14. माह कि दोनों संकट चतुर्थी के नियमित व्रत से दरिद्रता का नाश होता हैं।

15. लक्ष्मी गणेश यंत्र के पूजन से दरिद्रता का नाश होता हैं।
16. श्रीयंत्र के पूजन से दरिद्रता का नाश होकर भौतिक सुख, शांति व सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं। 

17. पारद श्री यंत्र या शिवलिंग का पूजन दरिद्रता से मुक्ति दिलाता हैं।

18. लक्ष्मी यंत्र या अष्ट लक्ष्मी यंत्र के पूजन से दरिद्रता का नाश होता है।

19. रामायण कि निम्न चौपाइ का पाठ करने से दरिद्रता का नाश होता हैं।
चौपाइ:-
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के।
कामद धन दारिद दवारिके ॥

20. बृहस्पति ग्रह का रत्न सुनेला धारण करने से दरिद्रता दूर होती हैं।

21. श्री यंत्र जड़ित नवरत्न धारण करने से से दरिद्रता का नाश होता हैं।

22. दरिद्रता निवारण हेतु आत्मा में अचल श्रद्धा हो, तो दरिद्र मनुष्य भी धनवान हो जाते हैं।

23. कल्पवृक्ष यंत्र के पूजन से दरिद्रता का नाश होता हैं।

24. प्रदोष व्रत करने से शनि से पीडित समस्याए कम होती हैं एवं दरिद्रता का नाश होता हैं।

25. आंगन में तुलसी का पौधा लगा कर उसका पूजन से दरिद्रता दूर होती हैं।

26. पीपल वृक्ष की नित्य तीन बार परिक्रमा करने और जल चढाने पर दरिद्रता का नाश होता हैं।

27. मिष्ठान अकेले नहीं खाकर परिवार एवं मित्र वर्ग में बांट कर खाने से दरिद्रता का नाश होता हैं।

28. पीपल के बने शिवलिंग का पूजन करने से दरिद्रता का निवारण होता हैं

29. शिव पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जप करने वाले को दरिद्रता नही आती हैं।

30. घर के मुख्य द्वार के उपर अंदर कि ओर गणेश प्रतिमा या चित्र लगाने से घर से दरिद्रता दूर होकर पूनः प्रवश नहीं करती। ( घर के बाहर लगाने से दरिद्रता आति हैं। यदि बहार लगाना हो तो इस प्रकार लगाये जेसे अंदर बाहार दोनो ओर गणेश जी कि दोनो पीठ एक हि स्थान पर मिलती हों।)

31. बुधवार के दिन सफेद कपड़े का झंडा बना के पीपल के वृक्ष पर लगाने से निर्धनता दूर होती हैं।

32. लक्ष्मी जी के समक्ष घी का दीपक लगाने से निर्धनता दूर होती हैं।

33. प्रति शुक्रवार के दिन अशोक वृक्ष के 13 अखंडित पत्ते लाकर शुद्ध जल या गंगाजल से धोकर लाल कपडेसे पोछकर इन 13 पत्तो का मौली (कलावा) से तोरण बनाकर घर के मुख्य द्वार पर लगाने से दरिद्रता एवं शत्रु से मुक्ति मिलती हैं।

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