अष्टम भाव की महिमा आइए जानते हैं इस भाव के कुछ छोटे छोटे परंतु गंभीर रहस्यों को । 1 सूर्य :-- अष्टम भाव में सूर्य देव जातक को क्रोधी ओर वाचाल बनाते हैं व जातक दूर की स्त्री से एक लम्बा संपर्क रखेगा । ओर यहां सूर्य देव निम्न सरकारी नौकरी के कारक भी हो जाते हैं चाहे नीच के ही क्यों ना हो । 2 चंद्र :-- अष्टम भाव में चंद्र देव जातक को दीर्घायु तो बनाते हैं लेकिन माता ओर कुटुंब से दूर सुनिश्चित है । जातक को परदेश या विदेश में जाकर कामयाबी मिलने की संभावना प्रबल हो जाती है । 3 मंगल :-- अष्टम भाव काल पुरुष की कुंडली में मंगल देव का अपना भाव है जातक डिसिप्लिनड होगा कानून को मानेगा जल्दी से बिमार नहीं होता । कोई ना कोई जुगाड़ करके अपनी जीविका चलाते हैं । 4 बुध :-- बुध देव का अष्ठम भाव से संबंध सबसे रहस्यमय होता है । ऐसा जातक एक अच्छा ज्योतिषी, तंत्रिका पैरानोमिक शक्तीयों का धनी ओर अघोर विद्या कि तरफ आकर्षित होता है । 5 गुरु :-- अष्टम भाव गुरु देव या गुरु देव का अष्ठम भाव से संबंध भी बहुत ही उत्तम भूमिका निभाते हैं यह संबंध जातक को एक अच्छा ज्योतिषी भी बनाते हैं । 6 शुक्र :-- अष्टम भाव में शुक्र...